बल एवं पराक्रम के स्वामी तथा नवग्रहों के सेनापति मंगल आज अपने ही दिन मंगलवार को अपनी नीच राशि कर्क से निकल कर अपने मित्र सूर्य की राशि सिंह में शाम 05 बजकर 55 मिनट पर प्रवेश किया है जहाँ ये 06 सितम्बर की सुबह तक गोचरस्थ रहेंगे। इस गोचर से मंगल और शनि के बीच बना समसप्तक तथा केतु के साथ बना त्रिकोण संबंध भी खत्म हो जायेगा जो बहुत राहत देने वाला होगा। आइये जानते हैं मंगल के इस परिवर्तन (Mangal Rashi Parivartan) का सभी 12 राशियों पर क्या होगा असर।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के पंचम भाव में मंगल का गोचर होगा। पाँचवें स्थान में मंगल के गोचर से धन का नाश, रोग एवं शत्रु पीड़ा तथा संतान से चिंता जैसे फल प्राप्त हो सकते हैं। नियमित दिनचर्या का पालन करना आपके लिए बहुत जरुरी होगा।
वृष राशि
वृष राशि के जातकों के चतुर्थ भाव में मंगल का गोचर होगा। सुख स्थान में मंगल के गोचर से शत्रुओं में वृद्धि, धन-धान्य की कमी, स्वजनों से कलह, रक्त विकार, ज्वरादि की पीड़ा हो सकती है। आपको सलाह दी जाती है कि पारिवारिक कलह से बचकर रहें।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के तृतीय भाव में मंगल का गोचर होगा। पराक्रम स्थान में मंगल के गोचर से बहुत अच्छे फल प्राप्त होते हैं। धन, अन्न, वस्त्र और आरोग्य की लाभ होता है और अपने पराक्रम से शत्रुओं को पराजित कर पाएंगे।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के द्वितीय भाव में मंगल का गोचर होगा। धन स्थान में मंगल के गोचर से मानसिक अशांति, निर्बलता, कार्य की हानि, धनहानि और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। इस दौरान आपको अपनी वाणी पर संयम रखने की सलाह दी जाती है।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के प्रथम भाव में मंगल का गोचर होगा। राशि स्थान में मंगल के गोचर से जीवनसाथी एवं स्वजनों से मतभेद, दुष्टों से कष्ट, ताप, ज्वर और रक्त संबंधी समस्या हो सकती है। आपको परिजनों के साथ मतभेद से बचना होगा।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के द्वादश भाव में मंगल का गोचर होगा। व्यय स्थान में मंगल के गोचर से खर्च में वृद्धि, स्वजनों से अनबन, नेत्र पीड़ा और धन की हानि हो सकती है। इस दौरान उधार देने से परहेज करें अन्यथा धन की हानि हो सकती है।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के एकादश भाव में मंगल का गोचर होगा। लाभ स्थान में मंगल के गोचर से सफलता, धन एवं आनंद की प्राप्ति, आरोग्यता और शत्रु तथा अदालती मामलों में जीत मिल सकती है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के दशम भाव में मंगल का गोचर होगा। कर्म स्थान में मंगल के गोचर से आपको कार्य में बहुत मेहनत करना होगा। काम मे आ रही बाधाओं एवं असफलता से डरे बिना यदि आप कार्य में रत रहेंगे तो लाभ होगा और धन की प्राप्ति होगी।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के नवम भाव में मंगल का गोचर होगा। भाग्य स्थान में मंगल के गोचर से स्थान परिवर्तन, आर्थिक तंगी, शारीरिक कष्ट, निर्बलता और अनादर जैसे फल प्राप्त होते हैं। विदेश से संबंधित कार्यों में मनचाही सफलता मिल सकती है।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के अष्टम भाव में मंगल का गोचर होगा। अष्टम स्थान में मंगल का गोचर रोग, मानहानि, कार्यहानि, पदहानि और पदावनति जैसे फल दे सकता है। शस्त्र से बाधा तथा शल्य क्रिया की संभावना भी बन सकती है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के सप्तम भाव में मंगल का गोचर होगा। कलत्र स्थान में मंगल के गोचर से संतान और भाई से व्यथा, आँख और पेट की पीड़ा तथा दांपत्य सुख में कमी प्राप्त हो सकती है। आपको अपने जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बनाये रखना होगा।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के षष्ठ भाव में मंगल का गोचर होगा। रिपु स्थान में मंगल के गोचर से आनंद, धन और अन्न की प्राप्ति तथा यश और कीर्ति मिलती है। प्रतियोगिता, परीक्षा एवं अदालती मामलों में भी सफलता प्राप्त हो सकती है।


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